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शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा।

जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.

जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.

शत्रु निवारण:  शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र प्रभावी होते हैं।

हालांकि इसके लिए उसे पूरे विधि विधान से साधना करनी होगी, हमारे देश में ऐसे कई साधक हैं जो काफी लंबे समय तक ग्रहण काल आने का इंतजार करते हैं.

गुरु की भूमिका:- शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए गुरु से दीक्षा लेना आवश्यक है। गुरु के निर्देशों का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करें।

अगले पन्ने पर ऐसा सिद्ध होता है कोई मंत्र...

मंत्र सिद्ध होने पर क्या होता है : मं‍त्र से किसी देवी या देवता को साधा जाता है, मंत्र से किसी भूत या पिशाच को भी साधा जाता है और मं‍त्र से किसी यक्षिणी और यक्ष को भी साधा जाता है। मंत्र जब सिद्ध हो जाता है तो उक्त मंत्र को मात्र तीन बार पढ़ने पर संबंधित मंत्र से जुड़े देवी, देवता या अन्य कोई आपकी मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं। 

साधना आरम्भ से पूर्व मंत्र को कण्ठस्थ करके'जप करें। 

हिंदू धर्म के पहले दुनिया में ना तो कोई धर्म था ना ही कोई मजहब था

शाबर मंत्रों का सही तरीके से जप करना आवश्यक है ताकि उनकी शक्ति को पूरी तरह से महसूस किया जा सके। नीचे शाबर मंत्र जप के नियम विस्तार से बताए गए हैं। 

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यह दोनों एक प्राकृतिक घटना होती है जो अपने आप घटित होती है, ऐसे में आप यह अवश्य सोचते होंगे कि आखिर यह घटनाएं कैसे होती है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब चंद्रमा और पृथ्वी दोनों ग्रह के ठीक आमने सामने आती है तब यह घटनाएं होती है.

विचार शुद्ध करने के लिये : विचार शुद्धि के लिए मंत्र...

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